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चीनी वैज्ञानिको के पागलपन का नतीजा है कोरोना वायरस

नमस्कार दोस्तो आज हम जिस वायरस से परेशान है उसका नाम है कोरोना वायरस। इस वायरस का नाम सुनते ही कब दिल दहल उठत। है। आज इस वायरस से पूरे विश्व की अर्थव्यवस्था चरमरा गई है।इससे कितने लोगो की जान जा चुकी है । आज हम बताएँगे की यह वायरस कहा से आई है।क्या ये वायरस नेचुरल है या ये एक चीन की रची हुई साजिस है। चीन चाहता भी है सुपरपॉवर बनने का। आपलोग खुद कोरोना का रिकॉर्ड देख लीजिए हमारे देश मे कितना संक्रामित है और चीन में कितना है ।आज इस बिषय पर बात करेंगे।
                      धरती पर घूमनेवाला इंसान आज घर मे छिप के बैठा है वन्य जीव आज रोड पर घूमने लगे है। आज पर्यावरण बिल्कुल साफ हो चुका है।आज गंगा की पानी भी बिल्कुल साफ हो चुकी है।आज क्राइम भी तेजी से कम हो गयी है आज ट्रैफिक जाम भी नही है।लेकिन चार दिन की चांदनी वाला चीन अब दुनिया के सामने खटक रहा है।फिर वो चाहे दुनिया के महाशक्ति हो,वैज्ञानिक हो,या घरो के अंदर बैठे लोग हो। सुबह और शाम चीन को अब कोसा जा रहा है क्योकि पूरी दुनिया मे कोरोना का कहर जारी है। आदमी तड़प तड़प के मर रहे है, ये ऐसी बीमारी है जिसमे आदमी की शास रुक जा रही है और आदमी तड़प के मर रहे है। ये जानलेवा वायरस को लेकर अमेरिका और चीन ने एक दूसरे पे निशाने शादे है। कौन सही है और कौन गलत ये तय कर पाना काफी मुश्किल है। लेकिन इतिहास गवाह है नही चीन सरीफ है और ना ही अमेरिका दूध का धूला है।लेकिन फिर भी कोरोना के राज के तह तक पहुचना जरूरी हौ।लिहाज जर्मनी, इटली, फ्रांस, ब्रीटेन, ऑस्ट्रेलिया और इजरायल समेत दुनिया के कई देश के खुफिया एजेंसी का सेन्टर पोइंट फिलहाल चीन है। हालांकि इस बीच चीन भी काफी चौकना है। लेकिन धीरे धीरे चीन की चोरी पकरि जा रही है।कुछ चोरी वैज्ञानिको ने पकड़ी तो कुछ खुफिया एजेंसी ने पकड़ी जिनसे पता चलता जा रहा है की ये वायरस इंसानों में पहुचा कैसे। चमगादड़ से या चीन के वुहान लैब में काम करने वाली एक entren के गलती से या किसी तिसरे रास्ते से। चीन के वैज्ञानिको का पागलपन का नतीजा है कोरोना वायरस। कोरोना वायरस के ओरिजिन को लेकर नए नए दावे किए जा रहे है। इसी बीच अब प्रसिद्ध micro biologist प्रोफेसर Peter chumakov ने दावा किया है कि कोरोना वायरस चीनी वैज्ञानिको का पागलपन भरे प्रयोग का नतीजा है। बड़ी बात ये है कि प्रोफेसर chumakov  चीन का जिगरी दोस्त रूस के सबसे बड़े संस्तान के वैज्ञानिक है और उनका दावा वायरस की theory की बिल्कुल करीब लग रहा है क्योंकि दुनिया भर में famous प्रोफेसर chumakov ने दावा किया है कि वुहान में चीनी वैज्ञानिक वायरस की रूप पैदा करने की छमता को परख रहे थे। और उन्होंने जानबूझकर जानलेवा वायरस को जन्म दिया। चीन के वुहान स्थित प्रयोगशाला में लंबे वक्त से कई तरीके के कोरोना वायरस के विकशित करने में सक्रिय रूप से लगे थे। प्रोफेसर चुमकोव के मुताबिक चीनी वैज्ञानिक ने जीवों के अंदर डाला जीससे वायरस को इंसान के कोशिकाओं के संक्रामित करने की छमता हासिल हो गई। consomulate पर खुलासा करते हुऐ चुमकोव कहा कई चीजों को वायरस के अंदर डाला गया था। जिसने जिलोम के श्वभाविक सिकुएन्स  का स्थान ले लिया।चीनी वैज्ञानिक HIB  के वेक्सीन बनाने के लिए इस वायरस के अलग अलग नस्ल बना रहे थे। इसी वजह से कोरोना वायरस के अन्दर खास चीजे आ गई।अब इन सब चीजों का विश्लेषण किया जा रहा है।
आगे के पार्ट के लिए कमेंट कर के बताए जल्द ही लेकर आऊंगा धन्यवाद।

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